लण्ड को धुलाया
 
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लण्ड को धुलाया

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" पूनम अभी कहाँ जा रही है, अभी और मन है तुम्हारे साथ " वो हसने लगी " अरे बाबू क्या हो गया आपको अभी तो हटे हो, फिर मन कर गया? " , मैंने सुपाड़ा उसकी चूत पे लगाया और डालने की कोशिश की, वो रोक रही थी, मैंने उसे पकड़ा और एक झटका लगाया उसकी चूत भी चिकनी थी और लण्ड उसकी चूत में घप से उतर गया. उसने गहरी सांस भरी " आह्हः बाबू " और निढाल हो गई, मेरा लण्ड उसके अन्दर पूरा फसा हुआ था, वो हांफ ने लगी " अहह हहह हह " , काजल उसे छेड़ने लगी " क्यों ऋ वैसे तो पूछती रहती थी अब जब मौका मिल रहा है तो हिम्मत हार गई! " , मैंने उसके ऊपर लेट के उसके दोनों मुम्मे पकड़ लिए और हलके हलके झटके देने लगा, मेरा वज़न नहीं संभाल पाई और मुझे लेकर मुँह के बल बिस्तर पे गिर पड़ी " बाबू मुझे जलन हो रही है " . मैं हट गया और वो उठके बैठ गई " आप बड़े खराब हो! " वो वाशरूम जाने लगी, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया " कहाँ जा रही है? अभी तो खड़ा है ये " ,<br/><br/>पूनम " जाने दो बाबू, साफ़ करके आती हूँ " व बाथरूम से लौटी " इतना सारा निकाला है, कितने दिनों से जमा कर रखा है? " मैंने उसका हाथ पकड़ लिया " चल अब देर न कर! " वो मना करने लगी " थोड़ी देर रुक जाओ, मुझे जलन हो रही है, आप काजल से साथ हो लो! " , काजल हम्हे देखते हुए गरम हो चुकी थी " चलो बाबू इसे धुला देती हूँ " हम दोनों बाथरूम में गए जहाँ काजल ने अच्छे से मेरे लण्ड को धुलाया " बाबू आप निरोध लगाया करो, कल को कुछ हो गया तो मुसीबत हो जाएगी " उसकी बात में दम था, हम दोनों कमरे में आए और मैं बिस्तर पे बैठ गया, काजल मेरे सामने हो गई, और मैं उसके मुम्मो से खेलने लगा " ओह्ह काजल, तेरे इन मुम्मो से प्यार हो गया है मुझे " मैं उसके निप्पल चूसने लगा, उसने मेरे कंधो पे हाथ रख दिया और मेरे मुँह मुम्मो पे दबाने लगी " हहहहह बाबू आप जब चूसते हो मेरे पुरे बदन में आग सी लग जाती है हहहह ससससस " . मैंने दोनों हाथों से उसके मुम्मे पकड़ लिए और उसके निप्पलों हो हलके से काटने लगा वो तड़प उठी " ओह्ह माँ! " . मैंने उसे बिस्तर पे लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया और उसके मुम्मो को चूसने लगा, वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी, मैं हट गया और उसके बगल में लेट गया, मेरा लण्ड बिकुल सीधा खड़ा था, पूनम पास ही बैठी थी लण्ड को देख " बाबू आपका कमाल का है, एक बार को तो मेरी जान ही निकल गई थी " . काजल भी बोल पड़ी " ये तो तू सही कह रही है, मुझे तो अब आदत हो गई है इसकी " . मैं सुनता रहा " बस बस इतना भी कोई मोटा नहीं है, मुझे ये बताओ उस दिन रात को तुम दोनों ने कैसे कैसे किया था? " दोनों चुप हो गईं, मैं उठा और पूनम का हाथ पकड़ के, बिस्तर पे बिठा दिया और उसका गाउन उठाने लगा " किस से पूछ के तूने ये पहना है? " , वो नीचे करने लगी " बाबू क्या करते हो मुझे शर्म आती है " काजल भी उठ के बैठ गई " अब किस बात की शर्म? चल उतार! " . उसने शर्माते हुए गाउन उतार दिया, मैंने उसका हाथ लेके काजल के मुम्मे पे रख दिया " चलो कर के बताओ उस दिन क्या क्या हुआ था! " , पूनम शर्मा के लाल पड़ गई, काजल उठी और उसने पूनम के दोनों मम्मो को सहलाना शुरू किया " अब किस बात की शर्म? बाबू जी तो अपने है " वो उसके पैरों के बीच बैठ गई और उसके निप्पल चूसने लगी, नज़ारा देख मुझ अनीता और रानी की याद आ गई, धीरे धीरे पूनम भी उसका साथ देने लगी और लेट गई, काजल घोड़ी होकर उसके मुम्मे चूसने लगी, मैंने काजल को कमर से पकड़ा और लण्ड उसकी चूत पे लगाया और हल्का सा ज़ोर लगाया, उसकी चूत इतनी गीली थी की सुपाड़ा एक बार में अंदर चला गया, वो हिली " अहह बाबू, निरोध लगा लो! " मैंने उसको टाइट पकड़ लिया " कुछ नहीं हो रहा " पूनम भी पूरा मज़ा ले रही थी, पूरा का पूरा ब्लू फिल्म का सीन चल रहा था, मैं उसे धीरे धीरे चोदने लगा, जब जब लण्ड उसके चूत फैलाता हुआ अंदर जाता वो सिसकी भरती, मुझे लग रहा था काजल जल्दी झड़ जाएगी, मैं रुक गया और पूनम के बगल में लेट गया, काजल भी उसके बगल में लेट गई मैं धीरे धीरे उसके निप्प्प्ले को जीब से सहलाया, उसके एक मुम्मे को काजल चूस रही थी और दूसरे को मैं, पूनम भी गरम हो रही थी, उसके काले निप्पल खड़े हो गई थे, काजल उसकी चूत की तरफ अपने हाथ ले गई और और फांकों के बीच ऊँगली फेरने लगी, मैं उसके बदन को चूमने लगा और धीरे धीरे नीचे जाने लगा, वो तड़प रही थी और मेरे बालों में हाथ फेर रही थी. मैं अब नहीं रुक सकता था, मैंने कंडोम चढ़ाया और काजल के पीछे लेट गया और उसका पैर उठाया और लण्ड उसकी चूत पे लगाया, और घुसा दिया, ये पोजीशन काजल के साथ पहली बार था, उसे भी अलग सा एहसास हुआ " बाबू ऊपर आके करो! " , वो छोले पे रगड़ से ही झड़ती है, मैंने उसके हाथ पूनम के चूत पे लगाया " ऊँगली डाल! " . ऊँगली घुसते ही पूनम ने ज़ोर की आह भरी " अह्ह्ह्ह धीरे " मैंने उसका हाथ पकड़ा और आगे पीछे किया " ऐसे करती रह! " . मैं उसे आराम से चोद रहा था, वो बार बार बोल रही थी बाबू ऊपर आके करो, हम तीनो झड़ने के करीब भी, मैं काजल के ऊपर आ गया और उसने भी तुर्रंत पैर मेरे कमर पे लपेट दिए, और मैंने एक ज़ोर का झटका दिया और लण्ड उसकी चूत के गहराई में घुस गया, मैंने उसे तेज़ तेज़ छोड़ना शुरू किया, वो ज़ोर ज़ोर से आहे भर रही थी " आह्हः हहहह आ हहह " , और उसके हाट जैसे तैसे पूनम की चूत में चल रहा था, मैं झड़ने लगा और एक ज़ोर का झटका दिया वो चिल्ला पड़ी " आई मा, बाबू!! " और ज़ोर से झड़ने लगी इसी बीच में एक आवाज़ और आई " आह्ह्ह्ह सससस " पूनम भी झड़ रही थी और काजल का हाथ अपनी चूत में हिला रही थी. वो काफी ज़ोर से झड़ी थोड़ी देर हम पसीने में लत, वैसे ही पड़े रहे. मैं काजल पे से हटा और मुझे पता चला, कंडोम फट चुका था " काजल ये लगाने का फ़ायदा नहीं हुआ " . काजल उठ के बैठ गई और पूनम हसने लगी " बाबू ने तो आज हम दोनों में ही बीज बो दिया!!! " .<br/><br/>टाइम का पता ही नहीं चला, शाम के 7 बज रहे थे, दोनों शक्ल से ही तृप्त दिख रही थी. पूनम उठी और काजल को उठाया " चल उठ, काम पड़ा है " दोनों गाउन पहन के निकल गई, मैं भी उठा और चौकीदार का चककर लगा के आया.

 
Posted : 20/02/2022 12:28 am